सीमित निवेश: ऑप्शन ट्रेडिंग में निवेशक अपने पूरे पैसे की बजाय केवल एक प्रीमियम भुगतान करते हैं, जिससे उनकी निवेश की सीमा निर्धारित होती है

हेजिंग: ऑप्शन ट्रेडिंग से निवेशक अपने स्टॉक पोर्टफोलियो को मामूली जोखिम से बचा सकते हैं, क्योंकि वे कीमत कम से कम हानि के साथ हेज कर सकते हैं

लेवरेज: ऑप्शन ट्रेडिंग में निवेशक अधिक शेयरों को न्यूनतम पूंजी के साथ खरीद सकते हैं, जिससे वे अधिक लाभ कमा सकते हैं

पूर्वानुमान: ऑप्शन ट्रेडिंग निवेशकों को बाजार की दिशा का सही पूर्वानुमान लगाने का मौका देता है, जिससे उनके निवेश के परिणामों को सुधारने में मदद मिलती है

Fill in विकल्प: ऑप्शन ट्रेडिंग में विभिन्न प्रकार की ऑप्शन होती हैं, जैसे कॉल ऑप्शन और पुट ऑप्शन, जिनसे विविध निवेश रणनीतियों का उपयोग किया जा सकता है text

आय का स्रोत: ऑप्शन लेने वाले निवेशक ऑप्शन प्रीमियम और संबंधित लेन-देन से आय कमा सकते हैं, यदि उनका पूर्वानुमान सही होता है

सीखने का मौका: ऑप्शन ट्रेडिंग नई निवेशकों के लिए बहुत अच्छा माध्यम है जिससे वे बाजार के कामकाज को समझ सकते हैं और निवेश की विविधता का अध्ययन कर सकते हैं

स्थिरता: ऑप्शन ट्रेडिंग के माध्यम से निवेशक बाजार के वोलेटिलिटी से बच सकते हैं और स्थिरता बनाए रख सकते हैं