इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday Trading): इसमें वित्तीय संपत्ति को एक ही व्यापक से खरीदने और बेचने की कोशिश की जाती है

डेलीवरी ट्रेडिंग (Delivery Trading): इसमें वित्तीय संपत्ति को खरीदकर उसको खरीदार के डेमेट खाते में रखा जाता है

फ्यूचर्स और ऑप्शन्स ट्रेडिंग (Futures and Options Trading): इसमें व्यापारिक इन्स्ट्रुमेंट्स के आगमन की कीमत और वित्तीय संपत्ति के आगमन की कीमत के बीच के अंतर का सौदा किया जाता है

स्विंग ट्रेडिंग (Swing Trading): इसमें व्यापारिक संपत्ति को कुछ दिनों या हफ्तों के लिए खरीदा जाता है, जब व्यापारिक चाल के अनुसार मूल्य में बदलाव की संभावना होती है, और फिर उसे उचित मूल्य पर बेचा जाता है

कमोडिटी ट्रेडिंग (Commodity Trading): इसमें कमोडिटी जैसे गहनों, कृषि उपजों, इंडेक्स, और अन्य सामग्रियों की खरीददारी और बेचने का सौदा किया जाता है

करेंसी ट्रेडिंग (Currency Trading): इसमें विदेशी मुद्रा की खरीददारी और बेचने का सौदा किया जाता है। यह फॉरेक्स ट्रेडिंग के रूप में भी जाना जाता है

स्टॉक ऑप्शन्स ट्रेडिंग (Stock Options Trading): इसमें व्यक्ति को स्टॉक के विकल्प खरीदने और बेचने की अनुमति दी जाती है

मुद्रा फ्यूचर्स ट्रेडिंग (Currency Futures Trading): इसमें विदेशी मुद्रा के लिए भविष्य के समय की मूल्य की स्थापना करने के लिए सौदा किया जाता है